स्टेरॉयड

स्टेरॉयड का दुरूपयोग

इसी दौरान उसने पूछा कि स्टेरॉयड क्या है और इससे शरीर में क्या होता है?

स्टेरॉयड एक प्रकार का रसायन है जो, शरीर के हार्मोन को बदलता है। हमारा ब्रेन शरीर के सभी अंगों को हार्मोन के जरिये कंट्रोल करता है। स्टेरॉयड द्वारा अप्रत्याशित तरीके से हार्मोन बदलने के कारण शरीर के विभिन्न अंग सही तरीके से  काम नहीं कर पाते। अतः जब भी कोई  व्यक्ति बाहर से स्टेरॉयड लेकर हार्मोन में बदलाव करता है, तो ब्रेन कन्फ्यूज हो जाता है। लम्बे समय तक इस प्रकार की कार्यवाही से ब्रेन उस अंग विशेष से स्वयं को अलग कर लेता है। शरीर के जो भी अंग ब्रेन के कंट्रोल से अलग हो जाते हैं उनकी स्थिति वैसी ही हो जाती है जैसे एक अनाथ बच्चे की। इससे शरीर के अंदर अराजकता फैलने लगती है। कुछ अंग जरूरत से ज्यादा काम करने लगते हैं और कुछ सुस्त पड़ जाते हैं।

कल बहुत दिनों बाद कुलदीप आया था। कुलदीप पहले ज़ायरोपैथी में काम करता था। फिर उसे सरकारी नौकरी मिल गई तो वहाँ चला गया। ज़ायरोपैथी के बढ़ते हुये काम और नाम से बहुत खुश हुआ। उसके साथ बहुत देर तक अलग-अलग विषयों पर बात होती रही। फिर उसने अपनी सासू माँ की बीमारी का जिक्र किया। बताया कि कई बार हास्पिटल में एडमिट हो चुकीं हैं, परन्तु समस्या बढ़ती ही जा रही है। उनके लिये मैंने कुछ टेस्ट बताये और कहा कि एक बार आप उन्हें दिखा दो।
यह सुनकर कुलदीप स्तब्ध रह गया। उसने मुझे बताया कि आजकल उसके गाँव (गाँव दिल्ली के अंदर है) के आसपास के सभी जिमनेजियम नौजवान लड़के-लड़कियों को स्टेरॉयड का प्रयोग करवा कर छ: सप्ताह में बिना ज्यादा कसरत करवाये आसानी से बॉडी बनाने का नायाब पैकेज मात्र 25000/- रूपये में दे रहे हैं। सभी जिमनेजियम में भीड़ लगी है। नौजवान बच्चे गुमराह हो रहे हैं। शुरूआत में तो बहुत अच्छा लगता है, परन्तु जब अंग खराब होने लगते हैं तो समझ नहीं आता कि कहाँ जायें। हाल ही में दो लड़कों की किडनी खराब हो चुकी है और तीन का हार्ट का साइज बड़ा हो गया है। यह सब सुनने और समझने के बाद भी जिमनेजियम में भीड़ बढ़ती ही जा रही है।

यह काम किसी भी ड्रग देने से कम नहीं है। ड्रग लेने वाले व्यक्ति को तो एक बार प्रयास कर ठीक किया जा सकता है, परन्तु किडनी और हार्ट को पुनः नार्मल करना बहुत ही कठिन है। इससे यह स्पष्ट है कि स्टेरॉयड ड्रग से कई गुना अधिक घातक हैं। अतः सवाल उठता है कि यदि ड्रग पर प्रतिबंध है तो क्या स्टेरॉयड पर प्रतिबंध नहीं होना चाहिये?

देश के हालात देखते हुये यह निश्चित है कि जब तक स्टेरॉयड के प्रयोग पर कानूनी प्रतिबंध लागू होगा, तब तक पैसों की लालच में ये जिमनेजियम वाले हजारों-लाखों नौजवानों की किडनी और हार्ट बरबाद कर चुके होंगे।

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