बड़ी सोच का बड़ा जादू

बड़ी सोच का बड़ा जादू

पिछले दो दिनों में कुछ ऐसा हुआ कि मैं इस विषय में लिखने के लिये मजबूर हो गया। यदि आप वास्तविकता में, “बड़ी सोच का बड़ा जादू”  पर विश्वास करते हैं, तो पूरा लेख पढ़े, अन्यथा समय ना गवायें।

दो दिन पूर्व मैंने “कोलेस्ट्रॉल षडयंत्र”  पर एक लेख लिखा। लाखों लोगों ने लेख को सराहा और अपने ग्रुप में शेयर भी किया। परन्तु मेरे एक नजदीकी ने उस लेख से ज़ायरोपैथी से जुड़ी लाइनें डिलीट कर उस लेख को अपने ग्रुप में शेयर किया। मेरे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि ग्रुप में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें ज़ायरोपैथी के ज्ञान की जरूरत है, परन्तु नाम से परहेज है। और परहेज भी महज इसलिए है, क्योंकि वे जिस संस्था से जुड़े हैं वह संस्था तथा उस संस्था के कुछ गणमान्य व्यक्ति ज़ायरोपैथी को प्रमोट नहीं करते। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह संस्था और इससे जुड़े सभी व्यक्ति “बड़ी सोच का बड़ा जादू” को एक धार्मिक ग्रंथ की तरह मानते हैं।

दूसरा वाकिया कल हुआ। मेरे पास अप्रत्याशित रूप से एक व्यक्ति आये, जिन्हें कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्या थी। वे भी उसी संस्था से जुड़े हैं जिसका मैंने पिछले पैराग्राफ में जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि वैसे तो उनकी संस्था विश्व प्रसिद्ध उच्चतम गुणवत्ता वाले फूड सप्लीमेंट बनाती है और वे लगभग सभी सप्लीमेंट का प्रयोग करते हैं, परन्तु कुछ सप्लीमेंट का सेवन करने से उनकी स्वास्थ्य समस्यायें बढ़ जाती हैं। मैंने उन्हें जो कारण बताया उससे वे संतुष्ट हो गये। उनकी स्वास्थ्य समस्यायें कुछ ऐसी थीं कि उन्हें ठीक करने के लिये वही फूड सप्लीमेंट देने की आवश्यकता थी जो उनकी परेशानी बढ़ा देते हैं।ऐसी परिस्थिति में मेरे सामने दो ही विकल्प थे, जो मैंने उन्हें बताये – पहला कि मैं आपका इलाज करने से इंकार कर दूँ और दूसरा कि मैं कुछ सप्लीमेंट किसी और संस्था के लिखूं। उन्होंने कहा कि उन्हें इलाज चाहिये, जिसके लिये वे अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकाल कर इतनी दूर आये हैं। मैंने बिना किसी संस्था का उल्लेख किये उन्हें स्वास्थ्य लाभ पहुँचाने वाले सप्लीमेंट लिख दिये। उन्होंने कुछ आवश्यक सप्लीमेंट हमसे लिये और बाकी अपनी संस्था से लेने का निर्णय किया। मैंने उनसे पूछा कि क्या यही नज़रिया आपका उन लोगों के साथ नहीं होना चाहिये जिन्हें आप ज़ायरोपैथी में इलाज हेतु लेकर आते हैं?

ज़ायरोपैथी में ऐसे व्यक्ति इलाज हेतु पहुँचते हैं जो विभिन्न पद्धतियों से इलाज करवा कर थक एवं लुट चुके होते हैं और यदि ज़ायरोपैथी ने भी वही किया तो वे अगली बार किस विश्वास से आयेंगे?

सप्लीमेंट से लोगों का स्वास्थ्य सुधारते हुए हमें लगभग 25 वर्ष होने वाले हैं।  हमनें सप्लीमेंट का प्रयोग करना और करवाना तब शुरू किया था, जब हिन्दुस्तान में किसी ने इनका नाम भी नहीं सुना था। इस अवधि के दौरान हमनें यह जाना कि सप्लीमेंट बनाने वाली संस्थायें सप्लीमेंट सिर्फ़ स्वस्थ लोगों के लिए बनाती हैं और उनका मानना है कि, यदि स्वस्थ व्यक्ति इन्हें लेगा तो स्वस्थ बना रहेगा। बीमारियों में संस्थागत रूप में इनका प्रयोग हमनें अपने अनुभव के आधार पर शुरू किया था। विगत 25 वर्षों में लगभग पचास हजार से अधिक अस्वस्थ लोगों को सप्लीमेंट का सुझाव देने से हमें एक और अनुभव मिला कि यदि बीमारियों को ठीक करना है तो सप्लीमेंट के साथ कुछ और जोड़ना पड़ेगा, ठीक उसी तरह जैसे हम कहते हैं कि, मौजूदा वातावरण में यदि स्वस्थ रहना है तो भोजन के अलावा कुछ फूड सप्लीमेंट लेना पड़ेगा।

जब हमनें लोगों को सप्लीमेंट का कॉम्बिनेशन बीमारियों में देना शुरू किया था, तब सप्लीमेंट का बिजनेस हिन्दुस्तान में नहीं था। जब सप्लीमेंट व्यापार रूप में हमारे देश में आया तो इसका व्यापार करने वाले लोग हमसे जुड़ने लगे। बहुत से लोग हमें और हमारे सिस्टम का उपयोग कर आज इस बिजनेस की उचाइयों पर बैठे हैं। यह जग जाहिर है कि हमारे सिस्टम के कारण, सप्लीमेंट बनाने वालों का दिन दूना और रात चौगुना व्यापार बढ़ा। परन्तु जब हमनें मानव कल्याण हेतु सप्लीमेंट के साथ बीमारियों में राहत दिलाने के लिये कुछ अन्य आवश्यक चीजें जोड़ी तो सप्लीमेंट के व्यापार से जुड़े लोग परेशान होने लगे। उन्हें लगने लगा है कि इससे उनके व्यापार में कमी आ जायेगी। यह सोच सही नहीं है। इसे कहते हैं “बड़ी सोच का बड़ा जादू”।

जब अधिक से अधिक बीमार स्वस्थ होने लगेंगे, लोगों का विश्वास आप पर और अधिक बढेगा तो स्वाभाविक है कि सप्लीमेंट का अनुपातिक व्यापार अवश्य बढ़ेगा।

घबरायें नहीं, धैर्य और विश्वास रखें। ज़ायरोपैथी का जन्म मानव कल्याण हेतु हुआ है और इससे किसी का अहित नहीं होगा।

मानव कल्याण एवं आपके हित के लिये, एक बार फिर पेश है – वही आपका अपना ज़ायरोपैथी ऐप –

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.zyropathy&hl=en

इसे डाउनलोड करें तथा दूसरों को भी करवायें और इस प्रयास का नि:शुल्क लाभ उठायें।