जीभ

जीभ और दांतों का सही रख रखाव

toungeकुछ दिन पहले अचानक मेरा ध्यान अपनी जीभ पर गया। मैं टंग क्लीनर से जीभ साफ कर रहा था कि मुझे जीभ के एक किनारे पर हल्का सफेद स्पाट दिखाई दिया। मैंने टंग क्लीनर से साफ करने का प्रयास किया, परन्तु वह क्लियर नहीं हुआ। फिर मुझे याद आया कि पिछले कई महीनों से मुझे जीभ में कभी-कभी बहुत हल्का सा दर्द होता था। परन्तु मैंने ध्यान नहीं दिया। उस दिन से प्रतिदिन नियमित रूप से मैं दांतों के बीच रखकर जीभ का मसाज करने लगा। तीन-चार दिन बाद मुझे फिर से जीभ में दर्द हुआ। मैंने दांतों के बीच जीभ रखकर मसाज करना शुरू किया तो जीभ के आगले भाग से खून निकलने लगा।

मैंने मसाज कर धीरे-धीरे पूरा खून निकाल दिया। थोड़ी देर में दर्द भी बंद हो गया और एक सप्ताह में सफेद स्पाट भी खतम हो गया।

मेरे मन में विचार आया कि हम शरीर के हर भाग की कसरत करने कि बात करते हैं, परन्तु जीभ की कभी भी नहीं करते। हम जीभ को पड़े-पड़े स्वादिष्ट भोजन से पोषित करते रहते हैं।

neem-chew-sticks-05इसी प्रकार जब से टूथब्रश-टूथपेस्ट का ज़माना आया दांतो की नित्य कसरत बंद हो गई। पहले लोग नियमित रूप से नीम की दातुन से दांत की सफाई करते थे और ताउम्र उनके दांत स्वस्थ बने रहते थे। नीम की दातुन चबाने से ऊपर-नीचे के दांतों पर दबाव पड़ता है, जिससे दांतों में रक्त संचार बढ़ता है और दांत तथा मसूढे स्वस्थ बने रहते हैं। टूथब्रश-टूथपेस्ट के प्रयोग से दांतों की सफाई तो हो जाती है, परन्तु दांत स्वस्थ नहीं बनते। यही कारण है कि टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनियां – नमक, नींबू, बबूल, हल्दी, पिपरमेंट, कैल्शियम, नीम, लौंग, सोडियम क्लोराइड, फ्लोराइड, सिलिका इत्यादि पदार्थ डालकर लोगों को लुभाने का प्रयास करती हैं। यहाँ तक कि प्रकृति से स्वयं को सबसे करीबी बताने वाले लोग भी दातुन की सलाह की जगह, लोगों को आज टी वी पर टूथपेस्ट बेंचते हुये दिखाई देते हैं। टूथब्रश-टूथपेस्ट बेचने से कम्पनियों को तो लाभ हो ही रहा है, परन्तु इससे सबसे अधिक लाभ दांतों से जुड़े अन्य व्यवसाइयों को भी मिल रहा है।

मेरा सभी से अनुरोध है कि अपनी जीभ और दांतों को स्वस्थ बनाये रखने के लिए नित्य इनकी कसरत अवश्य करें। प्रतिदिन नीम की दातुन का प्रयोग करें।

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