जीवन

जीवन के मूलभूत स्तम्भ

जीवन की गाड़ी निम्न चार पहियों पर चलती है –
             – शारीरिक 
             – मानसिक 
             – सामाजिक-आर्थिक 
             – भावानात्मक 
पिछले 50 वर्षों में बहुत कम ऐसे लोग मिले जिनके जीवन के चारों पहिये सामंजस्य में काम कर रहे थे।
अधिकांश लोग जीवन के शुरुआती दौर में शरीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक पहलुओं को दाँव पर लगाकर सामाजिक-आर्थिक ऊँचाइयों को हासिल करते हैं और जब तक वे एक स्थायित्व पर पहुँचते हैं तब तक शेष तीनों पहलू समाप्त हो चुके होते हैं। एक बार प्रयास करने से मानसिक एवं भावनात्मक पहलू कुछ हद सुधर जाता है, परन्तु बिगड़े हुए शरीर को ठीक करना बहुत कठिन है।
ज़ायरोपैथी एकमात्र ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली है, जो आज के घोर प्रदूषित वातावरण में भी आपको स्वस्थ बनाये रखने का सरल उपाय दे सकती है। इसे अवश्य आजमायें।
ज़ायरोपैथी में आज हम अस्वस्थ लोंगों को स्वस्थ बनाने का कार्य तो कर ही रहे हैं, परन्तु हमारा मुख्य काम है, स्वस्थ लोगों को स्वस्थ बनाये रखना। स्वास्थ्य के प्रति यह जागरूकता लोंगों में अभी लेशमात्र है। सोचिये कि यदि सभी लोग जो आज पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं, अस्वस्थ ना हों तो सम्पूर्ण भारतवर्ष को बहुत जल्दी स्वस्थ बनाया जा सकता है।
स्वस्थ बनें रहने के लिये, सम्पर्क करें-  www.zyropathy.com

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of