कीमोथेरेपी

क्या कीमोथेरेपी प्रिवेंटिव मेडिकेशन है?

कल एक व्यक्ति अपनी पत्नी की रिपोर्ट लेकर मुझसे मिलने आये।उन्होंने बताया कि दो महीने पहले उनकी पत्नी के स्तन में एक गाँठ थी। जाँच तथा स्कैन से पता चला कि एक और छोटी गाँठ है एवं कैंसरस हैं। इसके अलावा शरीर में कहीं भी कैंसरस सेल नहीं मिले। उसके बाद डॉक्टरों ने आप्रेशन कर स्तन निकाल दिया और आठ कीमो करने का निर्णय लिया, जिसमें से दूसरा कीमो दो दिन पहले ही समाप्त हुआ है। अभी 6 कीमो और होने हैं। मैंने उनसे पूछा कि-
प्रश्न – शरीर के जिस भाग में कैंसर था, उसे काटकर अलग कर दिया, फिर कीमो की क्या जरूरत है?
उत्तर – डाक्टर ने कहा कि पूरी तरह आश्वस्त होने के लिये कीमो करना आवश्यक है, जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि शरीर के किसी भी भाग में कैंसरस सेल मौजूद नहीं हैं।
प्रश्न – जैसा कि आपने बताया कि स्कैन में स्तन को छोड़कर शरीर के अन्य किसी भाग में कैंसरस सेल नहीं दिखे, तो कीमो देकर और क्या सुनिश्चित किया जा रहा है?
उत्तर – डाक्टर किसी भी तरह की रिस्क नहीं लेना चाहते, इसलिए कीमो कर रहे हैं।
प्रश्न – कीमो के बाद भी उसी स्कैन विधि से यह सुनिश्चित किया जायेगा कि शरीर में कैंसरस सेल मौजूद नहीं हैं। परन्तु यही बात तो अभी किया गया स्कैन भी बता रहा है। कीमो देने से क्या भिन्न हो जायेगा?
उत्तर – उन्होंने बताया कि भविष्य में कैंसर की संभावना को समाप्त करने के लिए कीमो दिये जा रहे हैं।
प्रश्न – इसका मतलब  वर्तमान में दिये जा रहे कीमो भविष्य में कैंसर ना होने की रोकथाम हेतु दिये जा रहे हैं?
उत्तर – जी हाँ।
प्रश्न – इसका तात्पर्य यह है कि सभी लोग जिन्हें वर्तमान में कैंसर नहीं है, उन्हें कैंसर की रोकथाम हेतु कीमो करवा लेना चाहिए?
उत्तर – वे निरुत्तर हो चुके थे।
आज कैंसर के नाम पर देश भर में अंधाधुंध लूट मची है। जिसकी जो मर्जी किये जा रहा है। किसी प्रकार का कोई नियम-कानून नहीं है। हर चीज जो डाक्टर कह देते हैं, उस पर अमल करना पड़ता है, भले ही उस बात में कोई तर्क ना हो।
मेरे अनुभव से इस केस में कीमो देने की आवश्यकता नहीं थी। परन्तु यदि डॉक्टरों ने कीमो देने का निर्णय ले ही लिया है, तो तीन कीमो उन्हें सर्जरी के पहले देना चाहिए था और बाकी तीन सर्जरी के बाद। सर्जरी के पहले कीमो करने से कैंसर की गांठें सिकुड़ जाती और सर्जरी करने पर जड सहित कैंसर समाप्त हो जाता। उसके बाद तीन और कीमो कैंसर के ताबूत पर कील का काम करते और पेशेन्ट बेखौफ जिन्दगी जीता।
इस केस में ऐसा प्रतीत होता है कि केस अपने कंट्रोल में रखने के लिए जल्दी से जल्दी सर्जरी की गई। उसके बाद और पैसा निचोड़ने के लिये आठ कीमो का निर्णय लिया गया।
आजकल हर दिन नये-नये फाइव स्टार अस्पताल खुल रहें हैं। पेशेन्ट को आकर्षित करने के लिए नये-नये लुभावने पैकेज दिये जा रहें हैं। इलाज  के माध्यम से जबरदस्त ठगी हो रही है। पार्कों में सुबह-सुबह सैर करने निकले लोगों को मुफ्त जाँच का लालच देकर लोगों को अस्पताल तक पहुँचाने और उन्हें पूरी उम्र के लिये रोगी बना देने का सिलसिला आम बात हो गई है।
कहीं आप भी तो इस तरह की जालसाजी का शिकार नहीं बन रहे। सावधान रहिये, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनिये और ज़ायरोपैथी अपनाइये।
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